यदि पत्नी अपने पति के साथ लम्बे समय से नहीं रहती तो ये बनता है तलाक का आधार |
प्रिय मित्रो, आप सभी को मेरा नमस्कार,
आजकल समाज मे देखा जा रहा है कि लड़किया विवाह के पश्चात अपने दाम्पत्य जीवन का निर्वहन नही कर ससुराल की जगह अपने पीहर रहना ज्यादा पसंद करती है और उन्हें ज़रा भी कुछ कह दो तो झूठे मुकदमो में फसाने की धमकी देती है।
यदि आपकी पत्नी भी आपको बिना किसी युक्ति युक्त कारण के छोड़ का अपने पीहर रह रही है और बार बार बुलाने पर भी नही आ रही है तो पति उसे वापस लाने के लिए पारिवारिक न्यायालय में धारा 9 हिन्दू विवाह अधिनियम के अंतर्गत दाम्पत्य
अधिकारों की प्रत्यास्थापना के लिए आवेदन प्रस्तुत कर सकता है और कोर्ट दोनों पक्षो को सुनने के पश्चात पत्नी को उसके पति के साथ रह कर दाम्पत्य कर्तव्यों का
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प्रिय मित्रो, आप सभी को मेरा नमस्कार,
आजकल समाज मे देखा जा रहा है कि लड़किया विवाह के पश्चात अपने दाम्पत्य जीवन का निर्वहन नही कर ससुराल की जगह अपने पीहर रहना ज्यादा पसंद करती है और उन्हें ज़रा भी कुछ कह दो तो झूठे मुकदमो में फसाने की धमकी देती है।
यदि आपकी पत्नी भी आपको बिना किसी युक्ति युक्त कारण के छोड़ का अपने पीहर रह रही है और बार बार बुलाने पर भी नही आ रही है तो पति उसे वापस लाने के लिए पारिवारिक न्यायालय में धारा 9 हिन्दू विवाह अधिनियम के अंतर्गत दाम्पत्य
अधिकारों की प्रत्यास्थापना के लिए आवेदन प्रस्तुत कर सकता है और कोर्ट दोनों पक्षो को सुनने के पश्चात पत्नी को उसके पति के साथ रह कर दाम्पत्य कर्तव्यों का
निर्वहन करने को आदेश दे सकता है यदि फिर भी पत्नी अपने पति के साथ आ कर नहीं रहती है तो पति तलाक के लिए आवेदन प्रस्तुत कर सकता हैं। इस आवेदन पर पति को विवाह विच्छेद (तलाक) की डिक्री प्राप्त हो जाती है |
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